दोस्ती की नांव 🙃🙃

                               साथ बीती कभी हस्ती , कभी कश्ती हमारी                   थे सवारते पतवार एक दूजे की। मोहब्बत के उस सैलाव ने, एक झटके में दोस्ती की नांव डुबो डाली।।                        __ सोनम 

एक नज़र बेटी पर....

    एक नज़र बेटी पर.........
          🙏🙏🙏


कोई आता है बोलकर चला जाता है,
 देखे कोई और गन्दी निग़ाह से सुधारा बेटी को सिखाया जाता है। 

बेटा लाख करे मनमानी,
 समझाया बेटी को जाता है।। 

सुनती है सबकी मारती है अपने सपनो को, 
 फिर भी सबक उसी को सिखाया जाता है। 

बेटा अगर हो पास- तो शब्बाश,

बेटी करे अगर टॉप भी तो रिजल्ट नहीं था कुछ खास।।

बेटा मांगे दुनिया की दौलत तो नहीं है इसमे कोई फ़रेब,
बेटी मांगे अगर सम्मान भी तो जरूर है इसमे कोई ऐव।।

कभी  तो सम्मान के साथ अपनी नजरे हटाकर देखो
कर सकती है वो भी। कुछ खास।

युहिं  नहीं भेजा उसने इनको तुम्हारे पास,

कभी तो करो इस बात का लिहाज।।


written by - sonamsaini 





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