Posts

Showing posts from April, 2020

दोस्ती की नांव 🙃🙃

                               साथ बीती कभी हस्ती , कभी कश्ती हमारी                   थे सवारते पतवार एक दूजे की। मोहब्बत के उस सैलाव ने, एक झटके में दोस्ती की नांव डुबो डाली।।                        __ सोनम 

परछाईं........

                परछाईं  .............               हमदर्द बन ऐतवार कराया,               चंद अल्फ़ाज बोल मेरे करीब आया था।                               रूह को छोड़ो जनाव,                               वो तो परछाई में भी समाया था।।                                 ☺☺☺☺                 -sonamsaini 

लब्जो की छुरी .........

                                                       लब्जो  की छुरी ..........                                   प्यार ही तो था किया ,                                    फिर क्यूँ  चलाईं ये लब्जो की  छुरी |                                                    करती रही अरमानों से , मंशा  उसकी पूरी                                                    फिर भी जान न पाई ,उसकी नजर की छुरी |   ...

अचानक बहार आना.........

Image
                अचानक बहार आना........  जिंदगी मे अचानक बहार आना, फिर तेरा कुछ इस तरह पास आना। अपनी आवरूह तुझ पर लुटा देना, तेरी चाहत का परवाना बन जाना।। तेरी इतमिनान से परवाह करना, फ़िर मुझको ही  लापरवाह करार दे देना।  जिंदगी मे अचानक बहार आना, फिर तेरा कुछ इस तरह पास आना।।   अपने सपने तुझ पर नोछाबर करना, फ़िर तेरा उन्ही को बोझ बता देना।। तेरे लिये अपनो से टकराना, फ़िर मुझे ही पराया बना देना।  जिंदगी मे अचानक बहार आना, फिर तेरा कुछ इस तरह पास आना।।          Written by. Sonamsaini

चाहत थी ....

Image
                                         इवादत ........  तुझे देख अपना बना,  लेने की चाहत थी |              पास ना होकर ,                फिर भी एक आहट थी || तेरी बहती खुशबु मे,  घुल जाने की तमन्ना थी |               तेरी  रूह  में  समा  जाती ,               यही तो मेरे इश्क  की इवादत  थी || written  by = sonamsaini 

बदलते देखा है ....

Image
 बदलते देखा है.......  नफ़रत को प्यार मे बदलते देखा है, मैने उसका मुझ पर मर - मिटते देखा है।                                 हो ना जाऊ दूर उससे,                                 इसलिय कुछ अल्फ़ाज बिखरते देखा है,                                 हाँ  मैंने  उसको मेरे लिए पिघलते  देखा है | रहे ना जाऊ मै पिच्छे, उसको कुछ हटते देखा है।।          नफ़रत को प्यार मे बदलते देखा है, मैने उसका मुझ पर मर - मिटते देखा है।                              ना कोई  खुवाईश् उसकी,                              साथ रहने को वो तरसते देखा है...

परख लेना.....

Image
                     लिबाज से परख लेना.... किसी को उसके लिबाज से परख लेना, ये कौन सा है हवाला देना।                           अरे रुको! उसके अंदर भी भावनाएं बहती हैं, वो चीख चीख कर कुछ कहती हैं। उसकी एक खुबाईस को पूरा कर लेना, इसी पर उसको बेहया करार दे देना।। किसी को उसके लिबाज से परख लेना, ये कौन सा है हवाला देना।                          बिन पूछे! बांधकर उसे नये बंधन मे, उसे इसी दरिया का पानी कह देना। कभी तो इत्मिनान से सुनो, वो भी चाहती है तुमसे कुछ कहना।। किसी को उसके लिबाज से परख लेना, ये कौन सा है हवाला देना।               ...

एक नज़र बेटी पर....

Image
     एक नज़र बेटी पर.........           🙏🙏🙏 कोई आता है बोलकर चला जाता है,  देखे कोई और गन्दी निग़ाह से सुधारा बेटी को सिखाया जाता है।  बेटा लाख करे मनमानी,  समझाया बेटी को जाता है।।  सुनती है सबकी मारती है अपने सपनो को,   फिर भी सबक उसी को सिखाया जाता है।  बेटा अगर हो पास- तो शब्बाश, बेटी करे अगर टॉप भी तो रिजल्ट नहीं था कुछ खास।। बेटा मांगे दुनिया की दौलत तो नहीं है इसमे कोई फ़रेब, बेटी मांगे अगर सम्मान भी तो जरूर है इसमे कोई ऐव।। कभी  तो सम्मान के साथ अपनी नजरे हटाकर देखो कर सकती है वो भी। कुछ खास। युहिं  नहीं भेजा उसने इनको तुम्हारे पास, कभी तो करो इस बात का लिहाज।। written by - sonamsaini