दोस्ती की नांव 🙃🙃

                               साथ बीती कभी हस्ती , कभी कश्ती हमारी                   थे सवारते पतवार एक दूजे की। मोहब्बत के उस सैलाव ने, एक झटके में दोस्ती की नांव डुबो डाली।।                        __ सोनम 

अचानक बहार आना.........



               अचानक बहार आना........ 


जिंदगी मे अचानक बहार आना,
फिर तेरा कुछ इस तरह पास आना।


अपनी आवरूह तुझ पर लुटा देना,
तेरी चाहत का परवाना बन जाना।।
तेरी इतमिनान से परवाह करना,
फ़िर मुझको ही  लापरवाह करार दे देना। 


जिंदगी मे अचानक बहार आना,
फिर तेरा कुछ इस तरह पास आना।।

 
अपने सपने तुझ पर नोछाबर करना,
फ़िर तेरा उन्ही को बोझ बता देना।।
तेरे लिये अपनो से टकराना,
फ़िर मुझे ही पराया बना देना। 


जिंदगी मे अचानक बहार आना,
फिर तेरा कुछ इस तरह पास आना।।

         Written by. Sonamsaini


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