लिबाज से परख लेना....
किसी को उसके लिबाज से परख लेना,
ये कौन सा है हवाला देना।
अरे रुको!
उसके अंदर भी भावनाएं बहती हैं,
वो चीख चीख कर कुछ कहती हैं।
उसकी एक खुबाईस को पूरा कर लेना,
इसी पर उसको बेहया करार दे देना।।
किसी को उसके लिबाज से परख लेना,
ये कौन सा है हवाला देना।
बिन पूछे!
बांधकर उसे नये बंधन मे,
उसे इसी दरिया का पानी कह देना।
कभी तो इत्मिनान से सुनो,
वो भी चाहती है तुमसे कुछ कहना।।
किसी को उसके लिबाज से परख लेना,
ये कौन सा है हवाला देना।
दबाकर!
दबाकर उसकी इस आवाज़ को,
देखकर उसके एक लिबाज को।
और अपने इरादो की मोहर लगा देना,
फिर उसी को उसका ताजपोश बना देना।।
किसी को उसके लिबाज से परख लेना,
ये कौन सा है हवाला देना।
Written by,
Sonamsaini
🙏🙏🙏🙏
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