बदलते देखा है.......
नफ़रत को प्यार मे बदलते देखा है,
मैने उसका मुझ पर मर - मिटते देखा है।
हो ना जाऊ दूर उससे,
इसलिय कुछ अल्फ़ाज बिखरते देखा है,
हाँ मैंने उसको मेरे लिए पिघलते देखा है |
रहे ना जाऊ मै पिच्छे,
उसको कुछ हटते देखा है।।
नफ़रत को प्यार मे बदलते देखा है,
मैने उसका मुझ पर मर - मिटते देखा है।
ना कोई खुवाईश् उसकी,
साथ रहने को वो तरसते देखा है।
हो ना जाये कोई परेशानी,
इसलिय मुझसे दूरी बनाते देखा है।।
नफ़रत को प्यार मे बदलते देखा है,
मैने उसका मुझ पर मर - मिटते देखा है।
हो ना जाए कोई दिक़्क़त,
इसलिए हमेशा हसाते देखा है।
बढ़ ना जाए मेरी गलतफेहमी,
इसलिए बिना मतलब साथ निभाते देखा है।।
नफ़रत को प्यार मे बदलते देखा है,
मैने उसका मुझ पर मर - मिटते देखा है।
written by ,
sonamsaini
NYC,👏👏👏👏👏👏👏👏
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