इवादत ........ तुझे देख अपना बना, लेने की चाहत थी | पास ना होकर , फिर भी एक आहट थी || तेरी बहती खुशबु मे, घुल जाने की तमन्ना थी | तेरी रूह में समा जाती , यही तो मेरे इश्क की इवादत थी || written by = sonamsaini
बदलते देखा है....... नफ़रत को प्यार मे बदलते देखा है, मैने उसका मुझ पर मर - मिटते देखा है। हो ना जाऊ दूर उससे, इसलिय कुछ अल्फ़ाज बिखरते देखा है, हाँ मैंने उसको मेरे लिए पिघलते देखा है | रहे ना जाऊ मै पिच्छे, उसको कुछ हटते देखा है।। नफ़रत को प्यार मे बदलते देखा है, मैने उसका मुझ पर मर - मिटते देखा है। ना कोई खुवाईश् उसकी, साथ रहने को वो तरसते देखा है...
लिबाज से परख लेना.... किसी को उसके लिबाज से परख लेना, ये कौन सा है हवाला देना। अरे रुको! उसके अंदर भी भावनाएं बहती हैं, वो चीख चीख कर कुछ कहती हैं। उसकी एक खुबाईस को पूरा कर लेना, इसी पर उसको बेहया करार दे देना।। किसी को उसके लिबाज से परख लेना, ये कौन सा है हवाला देना। बिन पूछे! बांधकर उसे नये बंधन मे, उसे इसी दरिया का पानी कह देना। कभी तो इत्मिनान से सुनो, वो भी चाहती है तुमसे कुछ कहना।। किसी को उसके लिबाज से परख लेना, ये कौन सा है हवाला देना। ...
एक नज़र बेटी पर......... 🙏🙏🙏 कोई आता है बोलकर चला जाता है, देखे कोई और गन्दी निग़ाह से सुधारा बेटी को सिखाया जाता है। बेटा लाख करे मनमानी, समझाया बेटी को जाता है।। सुनती है सबकी मारती है अपने सपनो को, फिर भी सबक उसी को सिखाया जाता है। बेटा अगर हो पास- तो शब्बाश, बेटी करे अगर टॉप भी तो रिजल्ट नहीं था कुछ खास।। बेटा मांगे दुनिया की दौलत तो नहीं है इसमे कोई फ़रेब, बेटी मांगे अगर सम्मान भी तो जरूर है इसमे कोई ऐव।। कभी तो सम्मान के साथ अपनी नजरे हटाकर देखो कर सकती है वो भी। कुछ खास। युहिं नहीं भेजा उसने इनको तुम्हारे पास, कभी तो करो इस बात का लिहाज।। written by - sonamsaini